June 20, 2024 6:00 am

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आतंकवादी-अपराधी गठजोड़ कर रहा है मानव तस्करी, दिलवा रहा है कनाडा का वीजा, भारत की एक पार्टी भी इसमें शामिल

नई दिल्ली. खालिस्तानी आतंकवादियों ने कनाडा में शरण और नौकरी के नाम पर कनाडा सरकार के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से जमकर सेलेक्टिव वीजा दिलाए. खालिस्तानी आतंकवादियों के इस काम में भारत की एक खालिस्तान समर्थक पार्टी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही जो कनाडा में राजनीतिक शरण मांगने के लिए युवाओं को अपना सिफारिशी पत्र देने के बदले 1 से 2 लाख रुपये की फीस लेती है.

भारतीय युवाओं के विदेश में बसने की चाहत को खालिस्तानी आतंकवादियों ने जमकर भुनाया. उन्होंने इसके लिए एक षड्यंत्र के तहत अपना एक काकस तैयार किया जिसमें भारत की एक कथित राजनीतिक पार्टी से लेकर कनाडा के अनेक अधिकारी भी शामिल थे. कनाडा का वीजा लेने वालों को पता है कि यह वीजा मिलना उतना आसान नहीं है जितना लोग बताते हैं. लेकिन खालिस्तानी समर्थकों हरदीप सिंह निज्जर, मोनिंदर सिंह, भगत सिंह बराड़, परविंदर आदि लोगों ने अपने खालिस्तान समर्थक एजेंट को आगे बढ़ाने के लिए कनाडा में नौकरी और शरण दिलाने के नाम पर भोले भाले सिख युवाओं का जमकर इस्तेमाल किया. इस षड्यंत्र के तहत पहले उन्होंने ऐसे लोगों की खोज की जो विदेश जाना चाहते थे, लेकिन उनके पास ना तो वीजा के पैसे थे और ना ही किराए के. इसके अलावा ऐसे अपराधी जो अपराध करने के बाद यहां से बाहर फरार होना चाहते थे.

पंजाब के गैंग्स का हुआ इस्तेमाल
अपनी इसी योजना के तहत इन लोगों ने पंजाब में देविंदर बंबीहा गैंग, अर्श डाला, लखबीर लांडा जैसे गैंगस्टरों का भी उपयोग किया. दिलचस्प है कि उनके इस काम में भारत की एक खालिस्तान समर्थक पार्टी ने भी उनका जमकर साथ दिया, साथ ही फायदा भी उठाया. खालिस्तान समर्थक यह पार्टी युवाओं को यहां से कनाडा भेजने के लिए अपना सिफारशी पत्र देने के बदले एक से दो लाख रुपये तक की फीस वसूल रही थी. इस पत्र में यह झूठा दावा किया जाता था कि वह उनके पार्टी कैडर हैं और उन्हें भारत में धार्मिक आधार पर सताया जा रहा है. उनके सिफारिशी पत्र के आधार पर कनाडा में मौजूद आतंकवादी अपराधी गठजोड़ अपने साथ मिले कनाडा के कुछ अधिकारियों की मदद से सेलेक्टिव वीजा दिलवा रहा था.

खालिस्तान समर्थकों ने भोले भाले लोगों का फायदा उठाया
मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि खालिस्तान समर्थकों को लगता थाखालिस्तान समर्थकों कि कनाडा में ऐसे लोगों की बेहद कमी है जो उनके द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शनों या जुलूसों में पैदल सैनिक की तरह शामिल हों. कनाडा में काम करने वाले लोगों की मांग और आपूर्ति में अंतर का फायदा उठाकर  ने पंजाब के भोले भाले सिख युवाओं को प्लंबर, ट्रक ड्राइवर जैसी अर्धकुशल नौकरियों में सेवादारों और गुरुद्वारों में धार्मिक कार्यों के लिए प्रायोजित कार्यक्रम चलाया. अपने षड्यंत्र के तहत उन्होंने कनाडा में पढ़ रहे भारतीय युवाओं छात्रों की भी पहचान की जिनका वहां रहकर अपना गुजारा करना मुश्किल हो रहा था और उन्हें विविध नौकरियों या अन्य सहायताओं की जरूरत पड़ रही थी. कनाडा में अवैध प्रवासी और वे छात्र जो अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं लेकिन उपयुक्त नौकरी नहीं ले पाते हैं, वे सबसे अधिक संवेदनशील हैं. इसी का फायदा उठाकर इन लोगों को गुरुद्वारों आदि में निम्न स्तर की नौकरियां दी गईं.

ब्राम्पटन, एडमंटन और सरे जैसे इलाकों में 30 से ज्यादा गुरुद्वारे
इन खालिस्तान समर्थकों के पास कनाडा के ब्राम्पटन, एडमंटन और सरे जैसे इलाकों में 30 से ज्यादा गुरुद्वारे बताए जाते हैं. खुफिया सूत्रों के मुताबिक जब इन युवाओं को वहां नौकरी दिला दी जाती है तो वह स्वेच्छा या अनिच्छा से उनके ब्रिगेड में शामिल हो जाते हैं. जब आईएसआई समर्थित खालिस्तान समूह सिख फॉर जस्टिस जैसे संगठनों को पंजाब इंडिपेंडेंस रेफरेंडम के लिए समर्थन प्राप्त करना मुश्किल हो रहा था तो इन पैदल सैनिकों का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए किया कि उनका अभियान सफल हो रहा है. भारत से कनाडा जाने वाला कोई वास्तविक यात्री ही जानता है कि वहां का वीजा प्राप्त करना बेहद कठिन और समय लेने वाला है. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि खालिस्तानी आतंकवादी और अपराधी गठजोड़ को यह बेहद आसान लगता है. क्योंकि यह पूरा रैकेट कनाडा प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है.

Tags: Canada News, Khalistani, Khalistani terrorist, Punjab news

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Author: traffictail

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